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जब सेवा इंसान से आगे बढ़कर हर जीव तक पहुँची
पशु कल्याण · 4 मिनट

जब सेवा इंसान से आगे बढ़कर हर जीव तक पहुँची

ठाकुर राम सिंह स्मृति न्यास की सेवा-यात्रा से एक विचारपूर्ण लेख।

सेवा की भावना की कोई सीमा नहीं होती। वह केवल मनुष्य की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हमारे आसपास के प्रत्येक जीव के प्रति करुणा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव भी अपने भीतर समेटे रहती है। भारतीय जीवन-दृष्टि में सभी जीवों के कल्याण की भावना को विशेष महत्व दिया गया है। इसी विचार से प्रेरित होकर ठाकुर राम सिंह स्मृति न्यास की गतिविधियों में मानव कल्याण के साथ-साथ पशु कल्याण और गौवंश की देखभाल को भी स्थान दिया गया है।

ग्रामीण जीवन में पशु और गौवंश केवल करुणा और संवेदना का विषय नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, पारंपरिक कृषि और घरेलू जीवन से भी जुड़े होते हैं। ऐसे में पशुओं का स्वास्थ्य सीधे ग्रामीण परिवारों के जीवन और उनकी आर्थिक स्थिरता से जुड़ सकता है। पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर चिकित्सा सहायता इसलिए केवल पशु कल्याण का कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन के प्रति जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसी सोच को व्यवहार में सामने लाने वाला एक महत्वपूर्ण उदाहरण 2 फरवरी 2025 को कृष्ण गोपाल गौशाला, धनैटा, जिला हमीरपुर में आयोजित रक्तदान-सह-गौ स्वास्थ्य शिविर रहा। ठाकुर राम सिंह स्मृति न्यास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने एक ही पहल के माध्यम से मानव स्वास्थ्य और पशु कल्याण—दोनों को जोड़ा। कार्यक्रम का उद्देश्य एक ओर स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं में योगदान देना था, तो दूसरी ओर गौवंश को पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था।

इस शिविर में 32 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदान के माध्यम से लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और आपातकालीन स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। इसी कार्यक्रम के दूसरे पक्ष के रूप में आयोजित गौ स्वास्थ्य शिविर में 47 गायों की जाँच की गई और उन्हें पशु चिकित्सकों द्वारा उपचार एवं चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। इसमें चिकित्सकीय जाँच, सामान्य बीमारियों का उपचार तथा पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य से संबंधित मार्गदर्शन शामिल था।

इस पूरे कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं और विभागों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। **पशुपालन विभाग, चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और कृष्ण गोपाल गौशाला समिति** ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया। यह सामूहिक सहभागिता इस बात को दर्शाती है कि जब विभिन्न संस्थाएँ और समुदाय एक साझा उद्देश्य के लिए साथ आते हैं, तो सेवा का प्रभाव और अधिक व्यापक हो सकता है।

पशु कल्याण से जुड़ा यह प्रयास न्यास की गतिविधियों में पहली बार दिखाई देने वाला विषय नहीं था। इससे पहले भी धनैटा स्थित श्री कृष्ण गोपाल गौशाला में गौ पूजन, पशु चिकित्सा शिविर और पशु कल्याण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम पशुपालन विभाग के समन्वय से हुआ था और इसमें गौ संरक्षण, पशु देखभाल तथा ग्रामीण पशुधन के संबंध में जागरूकता पर ध्यान दिया गया। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल से संबंधित मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

इन गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि पशु कल्याण को केवल किसी एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं देखा गया, बल्कि इसे व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी के संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया। एक ओर रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने की संभावना पैदा करता है, वहीं दूसरी ओर पशु स्वास्थ्य शिविर उन जीवों की देखभाल की जिम्मेदारी को सामने लाता है, जो ग्रामीण जीवन और आजीविका से गहराई से जुड़े हैं।

ठाकुर राम सिंह स्मृति न्यास के मिशन में भी पशु कल्याण को समाज सेवा के व्यापक उद्देश्यों के साथ शामिल किया गया है। न्यास की दृष्टि में सेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि सभी जीवों के कल्याण और उनके प्रति करुणा की भावना से जुड़ी है। यही विचार इस पहल को एक व्यापक मानवीय और सामाजिक दृष्टिकोण प्रदान करता है।

अंततः, जब एक ही कार्यक्रम में किसी जरूरतमंद के लिए रक्तदान और किसी पशु के लिए चिकित्सा सहायता एक साथ होती है, तो सेवा का अर्थ और भी व्यापक हो जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि करुणा किसी सीमा, वर्ग या प्रजाति की पहचान नहीं करती। जहाँ जीवन है, वहाँ देखभाल और संवेदना की आवश्यकता है।

यही वह भावना है, जहाँ सेवा इंसान से आगे बढ़कर हर जीव तक पहुँचती है—और समाज को केवल अधिक स्वस्थ नहीं, बल्कि अधिक संवेदनशील और करुणामय भी बनाती है।

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